कोडरी, गोपालपुर: हनुमंत आश्रम कोडरी, ‘गोपालपुर’ में आयोजित त्रिदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं वार्षिकोत्सव का 22 जनवरी को अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और विशाल भंडारे के साथ समापन हुआ। हनुमंत आश्रम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने पिछले तीन दिनों तक पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में सराबोर रखा।
भक्ति और कला का अद्भुत संगम
20 जनवरी से 22 जनवरी तक चले इस महायोजन में धर्म और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद, आस-पास के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। कार्यक्रम की रूपरेखा दो सत्रों में थी—दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक और रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक—जिसमें भक्तों ने कथा के साथ-साथ रासलीला और झांकियों का भी भरपूर आनंद लिया।
मृदुल जी महाराज की वाणी ने मोहा मन
कथा व्यास श्री कमलेश कुमार पाण्डेय (मृदुल जी महाराज) ने व्यास पीठ से अपनी अमृतमयी वाणी में श्रीमद्भागवत पुराण का वाचन किया। महाराज जी ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा और रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों का ऐसा सजीव वर्णन किया कि उपस्थित श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
उन्होंने अपने प्रवचन में कहा, “भागवत कथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। जब समाज एक साथ बैठकर ईश्वर का नाम लेता है, तो आपसी क्लेश मिट जाते हैं और प्रेम का संचार होता है।”
सजीव झांकियों ने बांधा समां
कथा के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सजीव झांकियां (Tableaux) आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण और हनुमान जी के स्वरूपों में सजे कलाकारों ने जब मंच पर प्रवेश किया, तो पूरा पंडाल “जय श्री राम” और “राधे-राधे” के जयकारों से गूंज उठा। विशेष रूप से रासलीला के मंचन ने दर्शकों को ब्रज की गलियों का अनुभव करा दिया।
ग्रामवासियों का अभूतपूर्व सहयोग
पोस्टर पर लिखे संदेश “ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियों के सहयोग से” को चरितार्थ करते हुए, यह आयोजन सामुदायिक एकता की एक मिसाल बना। हनुमंत आश्रम फाउंडेशन के सदस्यों और स्थानीय युवाओं ने मिलकर व्यवस्था को बहुत ही सुचारू रूप से संभाला।
विशाल भंडारे के साथ समापन
समापन दिवस पर महाआरती के बाद एक विशाल भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन किया गया। इसमें जाति और वर्ग का भेद भुलाकर सभी भक्तों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने कार्यक्रम की अपार सफलता के लिए समस्त क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया और अगले वर्ष इस वार्षिकोत्सव को और भी भव्य रूप देने का संकल्प लिया।